Uttar Pradesh

भाजपा नेता और पार्टनर के बीच इस बात को लेकर था विवाद… आरोपी दिनेश ने बताई बेईमानी की कहानी

अलीगढ़:  अलीगढ़ में सांसद के करीबी प्रॉपर्टी डीलर व भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सोनू चौधरी की हत्या के साजिशकर्ता पार्टनर दिनेश चौधरी को भी पुलिस ने बुधवार को कासिमपुर रोड से दबोच लिया। उसने पुलिस से एक प्रॉपर्टी में सात लाख रुपये की बेईमानी की खुन्नस में हत्या कराना स्वीकारा है।

गांव कोंडरा निवासी प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र उर्फ सोनू चौधरी की 25 जुलाई की सुबह हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य शूटर शिवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। परिवार ने गांव की रंजिश में कुछ लोगों व उनके अज्ञात साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस की मदद से शूटरों व कोंडरा के ही टाइगर ग्रुप के सरगना हेमू और सोनू के पार्टनर दिनेश के नाम उजागर किए थे।

सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि बुधवार सुबह कासिमपुर रोड पर भीमगढ़ी के पास से दिनेश चौधरी को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह अपने परिजनों से मिलने जा रहा था। पुलिस की पूछताछ के दौरान दिनेश के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, न ही कोई पछतावा था। उसने बताया कि सोनू ने उसके सात लाख रुपये की बेइमानी कर ली थी, काफी दिनों से वह सोनू की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे।

रंजिश में घटना होने के शक तक सोनू के परिवार संग रहा दिनेश

दिनेश और हेमू ने सोचा था कि घटना में सोनू के विपक्षियों पर ही पुलिस और परिवार को शक जाएगा। उसपर किसी को न हो, इसलिए दिनेश घटना के बाद मौके पर पहुंचा। परिजनों के साथ लहूलुहान सोनू को लेकर अस्पताल भी गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी परिजनों को ढाढ़स बंधाता रहा, अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। अगले दिन सुबह फिर संवेदना जताने पहुंचा, इसके बाद गायब हो गया था।

हत्या के बाद आगरा में मिले दिनेश व हेमू

सोनू की हत्या के अगले दिन तक दिनेश पुलिस गतिविधियों पर नजर रखे रहा, पुलिस की जांच नामजदों के बजाय दूसरी दिशा में जाने पर लगी तो वह अपनी ससुराल आगरा चला गया। वहीं उज्जैन से लौटे हेमू व उसके साथियों को रुकने का इंतजाम कराया। बाद में हेमू तो गायब हो गया। मगर दिनेश पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

150 से ज्यादा सदस्यों का था हेमू का टाइगर ग्रुप, सात सक्रिय

प्रापर्टी व्यापार व रामघाट रोड के जरायम वर्चस्व की खातिर प्रापर्टी डीलर सोनू की हत्या कराने वाले टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के व्हाट्सएप ग्रुप में 150 से अधिक सदस्य थे। इनमें सात सक्रिय सदस्य थे, जिनपर मारपीट, झगड़ा व फायरिंग आदि धाराओं के मुकदमे हैं।

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