Uttar Pradesh

शाहजहांपुर में खतरे के निशान से ऊपर पहुंची रामगंगा, गंगा में भी उफान, पानी से घिरी जिंदगानी

गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर में मंगलवार को भी वृद्धि जारी रही। शाहजहांपुर जिले के डबरी घाट पर रामगंगाा खतरे के निशान से आठ सेमी ऊपर पहुंच गई। इस वजह से जलालाबाद के कोला घाट से लेकर अल्हागंज क्षेत्र तक नदी के किनारे बसे दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से घिर गए हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों की चौखट तक पहुंच गया। कलान के भैंसार बांध पर गंगा खतरे के निशान से सिर्फ दो सेमी नीचे है। इस कारण गंगा के किनारे बसे कलान और मिर्जापुर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव टापू बन गए हैं।

अल्हागंज क्षेत्र में रामगंगा की बाढ़ से ठिंगरी, गोरा महुआ, दहेना, सुगसुगी, साईपुर, चौरसिया, रामपुर, वजीरपुर बंजर, बानपुर, भरतौली, रत्नापुर, बेलाखेड़ा, कुंडरी, रमापुर बझेड़ा आदि गांव घिर गए हैं। रमापुर बझेढ़ा गांव के अंदर पानी पहुंच जाने से ग्रामीणों ने गृहस्थी का जरूरी सामान समेत पशु सुरक्षित सथानों पर पहुंचाने शुरू कर दिए हैं।

बाढ़ के पानी से डूबी फसलें

बाढ़ से नदी के तटवर्ती खेतों की फसलें भी जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसान बहुत परेशान हैं। परौर क्षेत्र के नारायणनगर पश्चिमी और मोहनपुर में रामगंगा से भूमि कटान हो रहा है। जलालाबाद क्षेत्र में कोला, कसारी खुर्द, कसारी बुजुर्ग, सिठौली, मझरा, रैपुरा आदि गांवों के लोग रामगंगा की बाढ़ से पूरी तरह घिर गए हैं।

बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

कलान से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र तक करीब दो दर्जन गांवों में गंगा की बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गंगा के तट पर बसे इस्लामनगर, आजादनगर, कमतरी, चितार आदि आधा दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ में डूब गए हैं। प्रशासन ने बचाव कार्यों के लिए मोटरबोट लगाई है।

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