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उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी अब संभालेगा बेंगलुरु जेल की लाइब्रेरी, रोज़ाना मिलेगा ₹522

पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पोते और पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना अब बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल की लाइब्रेरी संभालेंगे। जेल प्रशासन ने रविवार को जानकारी दी कि रेवन्ना को कैदियों को किताबें जारी करने और उनका रिकॉर्ड रखने का जिम्मा सौंपा गया है।

जेल नियमों के मुताबिक, कैदियों को महीने में कम से कम 12 दिन—यानी हफ्ते में तीन दिन—काम करना होता है। रेवन्ना अगर तय शर्तों को पूरा करते हैं तो उन्हें ₹522 प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। जेल में कैदियों को काम उनकी योग्यता और इच्छा के आधार पर सौंपा जाता है।

रेप केस में दोषी, उम्रकैद और जुर्माना

बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 2 अगस्त को प्रज्वल रेवन्ना को एक महिला कर्मचारी से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उस पर ₹11.50 लाख का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से ₹11.25 लाख पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। इससे एक दिन पहले, 1 अगस्त को कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी करार दिया था।

रेवन्ना पर बलात्कार, छेड़छाड़, ब्लैकमेल और धमकी सहित कुल 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह पहला मामला है जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है।

फार्महाउस की महिला कर्मचारी ने दर्ज कराई थी FIR

अप्रैल 2023 में 47 वर्षीय एक महिला ने रेवन्ना के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया कि 2021 से रेवन्ना ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और किसी को बताने पर आपत्तिजनक वीडियो लीक करने की धमकी दी। महिला पूर्व सांसद के परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी।

रेवन्ना का नाम कर्नाटक सेक्स स्कैंडल में भी सामने आया है। उस पर 50 से ज्यादा महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगे हैं।

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