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जोधपुर के बाद अब सरकारी अस्पताल में आसाराम की पूजा, स्टाफ भी बने हिस्सेदार

रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहा आसाराम (86) एक बार फिर विवादों में आ गया है। सोमवार को गुजरात के सूरत सिविल हॉस्पिटल (नए सिविल हॉस्पिटल) में उसके भक्तों ने स्टेम सेल भवन के गेट पर तस्वीर रखकर पूजा-आरती की।

चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूजा में वरिष्ठ डॉक्टर जिगिषा पटाडिया, नर्स और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हुए। आरती के दौरान मंत्रोच्चार और भजन गाए गए। नवरात्रि के मौके पर देवी-देवताओं की जगह आसाराम की पूजा होने से विवाद खड़ा हो गया।

अधीक्षक बोले— जानकारी नहीं थी, अनुमति भी नहीं ली

अस्पताल अधीक्षक डॉ. धारित्री परमार ने कहा कि उन्हें इस आयोजन की जानकारी नहीं थी। वे छुट्टी पर थीं और शहर से बाहर थीं। उन्होंने साफ कहा— “पूजा के लिए किसी ने अनुमति नहीं ली थी।”
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद मामला गरमा गया।

कोर्ट से राहत नहीं, जेल में ‘दर्शन’ जारी

27 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर फटकार लगाई थी। इसके बाद 30 अगस्त को उसने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया।
वह वर्तमान में आरोग्यम हॉस्पिटल, जोधपुर में भर्ती है, जहां रोज़ाना समर्थकों को ‘दर्शन’ देता है। 18 सितंबर को भी जब वह जांच के लिए एम्स पहुंचा तो बड़ी संख्या में भक्त उमड़ पड़े।

गुजरात हाईकोर्ट ने भी नहीं दी जमानत

सोमवार को ही गुजरात हाईकोर्ट ने भी आसाराम की मेडिकल ग्राउंड पर जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जब राजस्थान हाईकोर्ट ने मेरिट पर राहत नहीं दी, तो एक ही मेडिकल पेपर पर अलग रुख नहीं अपनाया जा सकता। अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।

रेप केस में दो आजीवन कारावास की सजा

2018 में जोधपुर कोर्ट और 2023 में गांधीनगर कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद लगातार मेडिकल आधार पर उसे जेल से बाहर आने और अस्पतालों में रहने की अनुमति मिलती रही है।
इस बीच उसके भक्त—कभी जोधपुर में सीधे दर्शन करते हैं, तो कभी सूरत में तस्वीर रखकर पूजा करने से पीछे नहीं हटते।

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