Uttar Pradesh

मुरादाबाद जिला जेल के शाैचालय में बंदी ने लटककर दी जान, बंदी रक्षक निलंबित, पुलिस मुठभेड़ में लगी थी गोली

मुरादाबाद:  मुरादाबाद की जिला जेल में बंदी आसे उर्फ आशाराम की मौत के मामले में बुधवार को नया मोड़ गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसने आत्महत्या की थी। बुधवार सुबह डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने जिला जेल पहुंचकर जांच पड़ताल की और बंदी रक्षक, बंदी, अधिकारियों के बयान दर्ज किए।

पता चला कि बंदी ने शौचालय के रोशनदान से गमछे से लटक कर जान दी थी। इसमें जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फिलहाल इस मामले में जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बंदी रक्षक संजय मिश्रा को निलंबित कर दिया है। आत्महत्या करने वाला बंदी आसे उर्फ आशाराम रामपुर जिले के सैफनी थाना क्षेत्र के चौकोनी निवासी था।

मुरादाबाद जिले की बिलारी थाने की पुलिस ने उसे 27 अक्तूबर 2024 को दो नाबालिग बहनों के अपहरण और एक बहन से दुष्कर्म के मामले में मुठभेड़ के बाद जेल भेज दिया था। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि आसे उर्फ आशराम के पैर में गोली लगी थी जिस कारण वह छड़ी के सहारे चलता था।

वह बीमारी के चलते जेल अस्पताल में बंदी रक्षक संजय मिश्रा की निगरानी में था। उनका कहना है कि बुधवार की शाम करीब चार बजे वह शौचालय गया था। उसने गले में पड़े गमछे को फंदा बना लिया और शौचालय के रोशनदान से लटक गया था। अन्य बंदियों ने उसे लटका देखकर शोर मचा दिया।

उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां से जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बंदी के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शासन ने इस मामले में डीआईजी जेल कुंतल किशोर को जांच के आदेश दिए।

डीआईजी जेल ने बुधवार को जेल पहुंचकर जांच की। उधर सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई है। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि बंदी रक्षक संजय मिश्रा को निलंबित किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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