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सीएम योगी का विश्वास: निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से बनेगा समृद्ध उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी लेनदेन के नियुक्ति पत्र मिलता है। उन्हें नौकरी के लिए किसी से सिफारिश नहीं करनी पड़ती है। युवा अपनी योग्यता और दक्षता के आधार पर नौकरी पा रहे हैं। ये सब तब हो पाता है जब एक जिम्मेदार सरकार हो। पहले जाति और धर्म देखकर नौकरियां दी जाती थीं। सिफारिश लगानी पड़ती थी और रिश्वत देनी पड़ती थी पर अब नियुक्ति प्रक्रिया समय से पूरी हो रही है। नौकरियों में पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।

उन्होंने कहा कि जब भर्ती पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो रही है और समय से हो रही है तो मेरी भी आपसे अपेक्षा है। वो ये है कि अपने कार्यस्थल पर किसी के साथ भेदभाव न करें जो कि गरीब, ग्रामीण या जरूरतमंद आता है पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसकी समस्या का समाधान करें। मुख्यमंत्री योगी सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

पहले एक व्यक्ति आठ-आठ जगह कर रहा था नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन दिनों एक भर्ती का प्रकरण चल रहा। एक व्यक्ति आठ-आठ जगह नौकरी कर रहा था। मामले की जांच चल रही है। ऐसे लोग जेल जाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भर्ती 2016 की है। एक ही परिवार के रिश्ते अब सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन के पदों पर हुई भर्ती में हुए फर्जीवाड़े पर बोल रहे थे जिसमें अर्पित के नाम पर छह और अंकुर के नाम पर दो नियुक्ति पत्र जारी होने का खुलासा हुआ है।

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